
एक बार फिर दुनिया की संवेदनशील धृष्टता गाजा और इज़राइल से जुड़ी संवेदनशील राजनीति का केंद्र बनी हुई है। आज की सबसे बड़ी खबर यही है।
मध्य-पूर्व में भयावह हिंसा का बढ़ता दौर
पूर्वी यरूशलम में एक भीड़-भाड़ वाले बस स्टॉप पर दो हथियारबंद हमलावरों द्वारा निशाना बनाए जाने से छह लोगों की मौत हो गई। घटना को आतंकवादी हमला करार दिया गया है। इस्कंदर कार्रवाई की प्रतिक्रिया में इज़राइल ने गाज़ा पर एयरस्ट्राइक्स तेज कर दिए हैं, जिससे 40 से अधिक फिलिस्तीनी नागरिकों की जान गई है और गाज़ा स्वास्थ्य मंत्रालय की रिपोर्ट के अनुसार, कुल मौतों की संख्या 64,522 पार कर चुकी है।
विशाल पैमाने पर हवाई हमले
इज़राइल ने गाज़ा पर “हर्कने” की तरह हमले किए, ताकि हमास को आत्मसमर्पण पर मजबूर किया जा सके ।
डिप्लोमैटिक तनाव और मानवाधिकारों पर संकट
संयुक्त राष्ट्र के मानवाधिकार प्रमुख ने इज़राइल की कार्रवाई को “जनसंहार” और अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन बताते हुए कड़ी निंदा की है ।
इज़राइल की सर्वोच्च अदालत ने यह निर्णय दिया कि फिलिस्तीनी कैदियों को पर्याप्त भोजन नहीं मिल रहा जो एक और मानवाधिकार संकट है।
स्पेन, फ़्रांस और जर्मनी ने इस घटना की तीव्र आलोचना की। इसके जवाब में इज़राइल ने दो स्पेनिश मंत्रियों को देश में प्रवेश से प्रतिबंधित कर दिया, जिससे कूटनीतिक रिश्तों में और तनाव बढ़ा है।


